घर में बना हुआ मद्यपान कक्ष या मद्य संग्रहण प्रकोष्ठ (बार) नहीं है। घर-बार है रहने का स्थान, ठौर ठिकाना, घर और घर के सब काम-काज! जैसे:
अपना घर-बार अच्छी तरह से देखो।
घरबार धन-दौलत और घर की सुख सुविधाओं के लिए भी आता है, जैसे:
वह घरबार छोड़कर साधु हो गया।
लाक्षणिक अर्थ में घर-परिवार का तात्पर्य पत्नी, बाल बच्चे और परिवार भी है; जैसे:
शादी हो गई, अब अपना घर-परिवार देखो।
घर-बार का "बार" संस्कृत द्वार अथवा वारक (रोकने वाला, रुकावट) से है, अर्थ है दरवाज़ा। बरोठा, बारजा इसी से हैं। विवाह में 'बार रुकाई' नाम से एक प्रथा है जिसमें वर-वधू को दरवाजे के पास रोककर कुछ कर्मकांड किया जाता है। बहन अपने भाई-भाभी को दरवाज़े पर रोक कर नेग माँगती है।
वही 'बार' है घर-बार का।
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