#कुमाउँनी में भी #नेपाली 'देखि' के समान ही अपादान कारक का कारक चिह्न "बटि"।
नामिक क्रिया बाट (राह) > बटीण (राह चलना प्रारंभ करना, to proceed) से बना कृदंत बटि (=प्रारंभ करके/चलकर) है।
पूरक अव्यय 'तक' के लिए "जाण्" क्रिया से बना कृदंत "जाणे" (जाना=जाने/पहुँचने to reach)।
जैसे:
~नौ बटि दस तक । (9 से 10 तक)
~उत्तर बटि दक्षिण तक । (उत्तर से दक्षिण तक)
'तक' अव्यय के बिना सामान्य अपादान में भी 'बटि' का प्रयोग होता है-
~रुख बटि आम टोड़। (पेड़ से आम तोड़ो)
~घर बटी भैर निकल। (घर से बाहर निकलो)।
कुछ अंचलों में बटि का 'बठे' या 'बै' हो जाता है।
बाट (राह) > बटीण नामिक क्रिया नहीं, नामधातु है।
बाट (संज्ञा) —> बटीण (नामधातु)।
एक अन्य स्थिति में अपादान के लिए नेपाली में भी कुमाउँनी बाट > बटि की भाँति 'बाट' प्रत्यय है। जैसे
~झ्याल्बाट पोखरी देखिन्छ।
(खिड़की से तालाब दिखाई देता है।)
"देखि... सम्म" वाली वाक्य रचना में देखि प्रत्यय देखिनु का कृदंत हो सकता है।
~बैतड़ीदेखि काठमाण्डूसम्म। (बैतड़ी से काठमांडू तक)
~एकदेखि सयसम्म। (1 से 100 तक)
♦️
#साधो_शब्दसाधना_कीजै
No comments:
Post a Comment